स्मृति ईरानी छोड़िए यहां तो राहुल और सोनिया गांधी की डिग्री में ही बड़ा झोल है

0
55
Educational qualifications of Smriti Irani, Rahul Gandhi and Sonia Gandhi

जब भी चुनाव आते हैं नेताओं से जुड़ी पुरानी बातें सामने आने लगती है। इस बार भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। लोकसभा चुनावों का पहला चरण अभी समाप्त भी नहीं हुई की नेताओं ने एक दूसरे की कमजोरियों को उजागर करना शुरु कर दिया है। इस बार शुरुआत डिग्री और शैक्षणिक योग्यता को लेकर हुई है। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री को लेकर कुछ सवाल उठाये हैं। लेकिन, शायद कांग्रेस पार्टी ये बात भूल गई की वह स्मृति ईरानी की डिग्री पर तो सवाल उठा रही है लेकिन यही सवाल राहुल और सोनिया गांधी की डिग्री को लेकर भी उठाये जा चुके हैं।



स्मृति ईरानी की डिग्री पर गरमाया है मुद्दा

दरअसल, यह पूरा विवाद उस वक्त शुरु हुई जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के चुनावी हलफनामे में बताया है कि वह ग्रैजुएट नहीं हैं। लोकसभा चुनावों के लिए दायर किये गए हलफनामे के मुताबिक स्मृति ने 1994 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में पत्राचार से बीकॉम में दाखिला लिया था। हालांकि, तीन साल का कोर्स अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अपनी इस योग्यता का जिक्र स्मृति ने 2014 के शपथ पत्र में किया था। लेकिन, इस साल के हलफनामें में उन्होंने अपने ग्रेजुएशन का जिक्र न करते हुए अपनी शिक्षा सिर्फ बारहवीं तक दिखाई है। बता दें कि स्मृति ने 1991 में हाईस्कूल और 1993 में बारहवीं की परीक्षा पास की थी। विवाद इसी बात पर है कि स्मृति ईरानी 2014 में तो ग्रेजुएट थीं लेकिन 2019 में बारहवीं पास कैसे हो गईं। दरअसल, ईरानी ने अपनी तीन वर्षीय डिग्री पूरी नहीं की है। इसलिए यह विवाद पैदा हुआ।



राहुल की एम.फिल डिग्री पर भी सवाल

ऐसा नहीं है कि सिर्फ स्मृति की डिग्री को लेकर ही सवाल उठे हैं। ईरानी की डिग्री पर हो हल्ला मचाने वाली कांग्रेस शायद ये बात भूल गई की राहुल गांधी की डिग्री भी सवालों के घेरे में आ सकती है। दरअसल, भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने स्मृति का बचाव करते हुए राहुल की डिग्री को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सुब्रमण्यम स्वामी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की ही डिग्री को लेकर एक ट्वीट लिखा कि, “बुद्धू ने भी अपने नॉमिनेशन फॉर्म में गलत जानकारी देते हुए दावा किया है कि उसके पास एमफिल की डिग्री है। वह प्री-थीसिस एग्जाम में फेल था, इसलिए उसे थीसिस लिखने की इजाजत नहीं मिली। उसे कहो कि अपनी थीसिस पेश करे या फिर एग्जाम के नतीजे के सबूत दिखाए।” अगर ये आरोप सही हैं तो राहुल की डिग्री भी कटघरे में आ गई है।



सोनिया की डिग्री पर भी रहा है विवाद

ये कोई पहली बार नहीं है जब सुब्रमण्यम स्वामी ने गांधी परिवार के सदस्यों की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया हो। इससे पहले स्वामी ने सोनिया गांधी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी एक अहम बात सामने लाई थी। दरअसल, साल 2017 में उन्होंने बताया था कि जब वह कैम्ब्रिज में लेक्चर देने गए थे, तब उन्होंने सोनिया के बारे में लोगों से पूछा, तो लोगों ने जवाब दिया कि ऐसी यहां कोई स्टूडेंट नहीं थीं। स्वामी ने इसी मुद्दे पर कैम्ब्रिज अथॉरिटी का एक खत भी पेश किया था, जिसपर लोकसभा स्पीकर ने सोनिया गांधी से डिग्री को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब ने सोनिया ने इसे टाइपिंग मिस्टेक कहा था। सिर्फ यही नहीं राहुल, सोनिया के अलावा जवाहर लाल नेहरू पर भी इसी तरह से सवाल उठाए जा चुके हैं। हालांकि, स्मृति ईरानी का मुद्दा पिछले दो सालों में कई बार उठ चुका है।

कमेंट करेंः

Please enter your comment!
Please enter your name here