दूल्हे ने नहीं लिए दहेज में 20 लाख रुपए, लौटकर दुल्हन के पिता से बोला – ‘अपनी बेटी दे दी और कुछ….’

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wedding without dowry 20 lakh return to father in law in Jharkhand

आजकल दहेज को लेकर बहुत सी खबरें आ रही हैं. इनमें कहीं दहेज ना दे पाने की वजह से बारात लौट रही है तो कभी दुल्हन ही शादी से मना कर देती है लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो दहेज दूर से ही प्रणाम करते हैं. बिहार के इस बात को आदमी ने साबित किया अगर दुल्हा चाह ले तो उनके मााता-पिता कभी दहेज की बात भी ना करें. दुल्हे ने इस वजह से लौटाया 20 लाख रुपये का दहेज, उसके ऐसा करने से वहां मौजूद सभी हैरान रह गए.



दुल्हे ने इस वजह से लौटाया 20 लाख रुपये का दहेज

जमशेदपुर के रहने वाले रोहित राज जो पेशे से सिविल इंजिनियर हैं उन्हें उनकी शादी में 20 लाख रुपये दहेज में मिल रहे थे लेकिन रोहित ने इसके लिए मना कर दिया. रोहित देवघर में सिविल इंजिनियर हैं और दीपिका ने मास कम्युनिकेशन किया है. रोहित के घरवाले और पड़ोसी के मुताबिक, जैसे ही रोहित इंजीनियर बना तो उसकी शादी के ऑफर आने लगे इसमें तगड़ी बोली लगने लगी. एक आदमी ने 20 लाख रुपये का दहेज देने का वादा किया लेकिन परिवार को ये बात रास नहीं आई और उन्होंने बिना दहेज की शादी करना पसंद किया.

 

रोहित के पिता संजीव वर्मा ने बताया, रोहत उनका बड़ा लड़का है और मोहित छोटा बेटा है. मोहित हाईकोर्ट में वकील है तो रोहित सिविल इंजीनियर है, उन्हें बेटी का शौक था लेकिन वो नहीं हुई. बेटी ना होने पर संजीव वर्मा ने संकल्प लिया था कि वे अपनी बहुओं को ही बेटी बनाएंगे. दीपिका के पिता पवन कुमार जमशेदपुर की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और उनका बेटा बेंलुरू में इंजीनियर है. पवन कुमार ने बताया कि जब लड़के पक्ष के लोगों ने दहेज की बात को ठुकरा दिया तो उन्होंने बेतिया शहर के एक होटल में बरातियों के खाने पीने की उचित व्यवस्था बनाई और शादी करवा दी.

रोहित ने ससुर जी से कही ये बात




रोहित ने अपने ससुर पवन कुमार से कहा कि आप अपनी बेटी यानी घर का एक सदस्य हमें दे रहे हैं उसके बदले रुपया क्या लेना. रोहित का परिवार दहेज लोभियों को करारा जवाब देते हुए एक मिसाल बन गया है. अगर हर लड़के वाले ऐसे ही हो जाएं तो शायद दहेज नाम का अभिशाप समाज से निकल जाए और किसी को भी उनकी बेटियां बोझ नहीं लगे लेकिन रोहित और उसके परिवार जैसा कोई होना पॉसिबल नहीं है.

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