क्राइम: 10वीं की मासूम छात्रा को जिंदा जला दिया गया, अभी तक वजह नहीं आ सकी सामने

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यूपी के मुख्य योगी आदित्यनाथ हर शहर का नाम बदलने में लगे हैं और उधर उनके राज्य की बेटियां ही असुरक्षित हैं. 18 दिसंबर के दिन जब यूपी के डीजीपी ओपी सिंह आगरा में थे तो इलाके की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक मीटिंग चल रही थी. मीटिंग तो आम जनता के लिए थी लेकिन माल-पूवे पुलिस वाले खा-पी रहे थे. जिस होटल में ये मीटिंग चल रही थी उसके सिर्फ 15 किलोमीटर पर एक 10वीं की छात्रा को जिंदा जलाया गया.

इस तरह बच्ची को जिंदा जलाया

ये मामला आगरा के मलपुरा के लालऊ गांव का है जहां पर एक जूता कारीगर हरेंद्र सिंह जाटव की बेटी संजलि (मृत) थी. संजलि का स्कूलू घर से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर नौमील गांव में था. संजलि 10वीं क्लास की छात्रा थी और 18 तारिख को हर दिन की तरह वो अपने स्कूल से घर लौट रही थी. संजलि हर दिन साइकिल से आती-जाती थी लेकिन उस दोपहर करीब पौने दो बजे हैल्मेट लगाए दो युवक लालऊ पुलिया के पास आए. संजलि को कुछ पूछने के बहाने रोका और एक ने बोतल खोली उसके ऊपर डाल दी फिर दूसरे ने लाइटर जलाया और उसे जला दिया फिर भाग गए.

संजलि ने हिम्मत दिखाई पुल से जलते हुए वो सड़क पर आई और लोगों ने आग बुझाने के सारे प्रयत्न किये. फिर एक स्कूल बस आई और उसने अपनी बस से फायर एक्सटिंग्यूशर निकाला और उससे आग बुझाई. फिर संजलि को अस्पताल पहुंचाया लेकिन वो 80 प्रतिशत जल चुकी थी. फिर अस्पताल वालोंं ने दिल्ली सफदरगंज अस्पताल रेफर किया वो यहां आई डॉक्टर्स ने बहुत कोशिश की लेकिन 20 दिसंबर को उसने दुनिया को अलविदा कह दिया.

स्थानीय लोग हैं बहुत गुस्से में 

मौके वारदात पर संजलि की माता अनीता और पिता हरेंद्र को बुलाया गया और यूपी-100 भी पहुंची. संजलि को पास के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था. संजलि के निधन के बाद पूरा गांव एक-जुट हो गया और गुस्से में उसका अंतिम संस्कार भी नहीं करने दिया. लोगों ने हंगामा कर दिया कि पीड़ित के परिवार को 1 करोड़ रुपये और एक नौकरी दी जाए मगर कुछ घंटों के बाद प्रशासन के कुछ आश्वासन आते ही परिवार अंतिम संस्कार के लिए मान गया.

21 दिसंबर को सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम दिनेश शर्मी पीड़ित के परिवार वालों के पास पहंचे थे. उन्होंने खुद तो कोई मदद का एलान नहीं किया लेकिन सरकार से मदद दिलाने का पूरा आश्वासन दिया. मीडिया जब पुलिस से पूछना चाह रही है कि आरोपी कब पकड़ा जाएगा या फिर कोई सबूत हाथ लगा तो हर बार उनका यही जवाब होता कि जांच चल रही है जब पता चलेगा तो बता दिया जाएगा. मगर ये जांच होगी कब तक इसका अंदाजा किसी को भी नहीं है.

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