आखिर क्यों खत्म हो गई थी राजीव गांधी – अमिताभ की बचपन की दोस्ती?

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amitabh bachchan and rajiv gandhi friendship

इंसान चाहे आम हो या फिर सेलिब्रिटी लेकिन अपनेपन के साथ लड़ाई-झगड़े हर कोई करते हैं। एक समय था जब राजनीति बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को अपनी ओर खींच रही थी और उन्होंने झुकाव महसूस तो किया लेकिन फिर उन्होंने खुद को संभाल लिया। ये झुकाव उनकी दोस्ती का था जो अमिताभ बच्चन को राजनीति की बुलंदी पर पहुंचाना चाहती थी। एक समय था जब गांधी और बच्चन परिवार के रिश्तों में इतनी गहराई थी कि अमिताभ बच्चन सोनिया गांधी के भाई कहे जाने लगे थे। ये दोस्ती शुरु हुई इंदिरा गांधी और तेजी बच्चन से, जो बहुत अच्छी दोस्त रही है। तेजी बच्चन सोशल एक्टिविटीज में सक्रिय थीं और एक जाना-माना चेहरा भी थीं। कभी अमिताभ बच्चन के परिवार के बहुत करीब थीं सोनिया गांधी, इनकी दोस्ती के अफसाने आज हम आपको बताते हैं।



कभी करीब था बच्चन और गांधी परिवार

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तेजी बच्चन मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन की पत्नी थीं, इनके दो बेटे अमिताभ और अजिताभ बच्चन हुए। साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या से पहले तक इनके बीच गहरे रिश्ते थे लेकिन बाद में इनके में मतभेद हो गए। इंदिरा और तेजी ही नहीं बल्कि इनके बेटे राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन भी बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। कॉलेज और पॉलीटिक्स में आने के समय राजीव इटली की सोनिया को पसंद करने लगे ते और उनसे शादी करना चाहते थे। शादी के इरादे को पक्का करते हुए राजीव सोनिाया को इंडिया लाए जहां पर उनके दोस्त अमिताभ बच्चन ने उनकी पूरी मदद की। 13 जनवरी, 1968 को सुबह दिल्ली की कड़कती ठंड में अमिताभ उन्हें एयरपोर्ट लेने गए। इस समय सोनिया राजीव की मंगेतर बन चुकी थीं। इंदिरा गांधी एक विदेशी लड़की स्वीकार करने को तैयार नहीं थी तो ये काम तेजी बच्चन को दिया गया।



इस तरह हुई सोनिया और राजीव गांधी की शादी

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तेजी बच्चन ने अपने घर में सोनिया की शादी हुई जिसकी पूरी तैयारी अमिताभ बच्चन और तेजी बच्चन ने किया था। साल 1969 में सोनिया और राजीव की शादी पक्की हुई और शादी के समय सोनिया का पूरा परिवार बच्चन परिवार के आवास में ही ठहरा था। सोनिया की मां का किरदार पूरा तेजी बच्चन ने निभाया और उनकी शादी तेजी बच्चन ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ कराया। इसके साथ ही दोनों परिवारों के संबंध मजबूत हो गए और राजीव गांधी ने अमिताभ बच्चन को इलाहाबाद सीट से चुनाव में उतारा और बच्चन चुनाव जीत भी गए। इसके बाद बोफोर्स घोटाले में नाम आने के बाद दोनों परिवारों में मतभेद शुरु हो गए और साल 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद दोनों परिवार के हालात और बिगड़ गए थे। गांधी परिवार को महसूस हो रहा था कि बुरे समय में अमिताभ बच्चन उन्हें अकेला छोड़कर चले गए।

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